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मेरे गीत में तू, मेरी प्रीत में तू ,

मेरे सुर और साज में तू है |

मेरी धड़कन में तू, मेरी तडपन में तू है |

हर सांस में आवाज में तू है ||

हवा के शोर में, पानी की कल कल में,

पेड़ो के पत्तो में संगीत है |

पक्षियों की चहक में , फूलों की महक में

और रेत के उड़ने में संगीत है ||

जब सुर की भूख जगे,

फिर भूख ना प्यास लगे,

मेरे अंतर्मन में है सुर,

मुझे कुछ और ना ख़ास लगे ||

एक साज की गूंज, माहौल बदल देती है,

किसी राग के सुर मौसम बदल देते है |

संगीत में हैं ईश्वर, इसे खुद में जगा,

सुर इंसान का जीवन बदल देते है |